दिल्ली: भारतीय टेस्ट टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा ने सफेद गेंद के क्रिकेट में सीमित मौकों को लेकर अपनी बात खुलकर रखी है. उन्होंने माना कि उन्हें ‘टेस्ट स्पेशलिस्ट’ का टैग लग गया, जिसकी वजह से वनडे और टी20 क्रिकेट में उन्हें ज्यादा अवसर नहीं मिले. यहां तक कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट और काउंटी क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया.
37 वर्षीय पुजारा ने अब तक सिर्फ 5 वनडे खेले हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस नहीं है, लेकिन मन में एक ‘क्या होता अगर…” जैसी भावना जरूर है. दाएं हाथ के बैटर ने स्पोर्ट्स तक के खास कार्यक्रम विक्रांत अनफिल्टर्ड में कहा, “मैं अपने सफर से बहुत खुश हूं.”
उन्होंने आगे कहा, “कोई पछतावा नहीं है. लेकिन, कुछ जगहों पर लगता है कि चीजें हो सकती थीं. मुझे टेस्ट क्रिकेटर का टैग मिल गया, जो कि बुरा नहीं है, क्योंकि मुझे टेस्ट खेलना पसंद है. मगर उस टैग की वजह से एक नजरिया बन गया और सफेद गेंद क्रिकेट में मौके नहीं मिले.”
पुजारा ने अपने लिस्ट ए और टी20 आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अगर उन्हें मौके मिलते, तो वह वनडे और टी20 में भी खुद को साबित कर सकते थे. उन्होंने कहा, “अगर आप कोचों या सीनियर खिलाड़ियों से बात करें, तो सभी कहते हैं कि अगर कोई टेस्ट खेल सकता है, तो वह वनडे भी खेल सकता है, क्योंकि वह थोड़ा आसान फॉर्मेट है. मुझे अफसोस नहीं है, लेकिन अगर मौका मिलता, तो मैं अच्छा खेलता.”